बूंदी,संवाददाता: रवि गौतम नितिन
2002 की मतदाता सूची में भारी गड़बड़ियाँ, कई क्षेत्रों में पूरे लाइनें तक गायब
राजस्थान में निर्वाचन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाना है, लेकिन यह अभियान अब मतदाताओं और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO)दोनों के लिए मुसीबत का कारण बनता जा रहा है।निर्वाचन विभाग ने निर्देश दिए हैं कि मौजूदा मतदाता सूची को 2002 की वोटर लिस्ट से मिलान किया जाए, लेकिन 2002 की सूची में भारी विसंगतियाँ सामने आने लगी हैं। कईमतदाताओं के नाम पूरी तरह गायब हैं, तो कई क्षेत्रों में पूरी की पूरी कॉलोनी की लाइनें तक सूची से लापता हैं।
2002 की सूची में हजारों नाम गायब — मिलान में बड़ी दिक्कत
विकास नगर कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां रहने वाले अनेक लोग जिन्होंने वर्ष 2000 में मतदान किया था, उनका नाम 2002 की लिस्ट में मौजूद ही नहीं है।कुछ क्षेत्रों में तो पूरी की पूरी गली/लाइन ही लापता है। इससे BLO और मतदाताओं दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।कई मतदाता स्थाई निवासी होते हुए भी सूची में दर्ज नहींBLO के पास केवल ऑफलाइन सूची, जिसमें नाम पहले से गायबमतदाता सत्यापन और फॉर्म भरने की प्रक्रिया बाधितयह स्थिति मतदाताओं के मताधिकार पर सीधा खतरा पैदा करती दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी
जागरूक समाजसेवी अभिषेक जैन ने बताया कि विकास नगर कॉलोनी के दर्जनों ऐसे परिवार हैं, जो पिछले 20–25 वर्षों से स्थाई रूप से निवास कर रहे हैं और नियमित मतदान भी करते आए हैं, लेकिन 2002 की सूची में उनके नाम पूरी तरह गायब हैं।उन्होंने बताया कि इस गड़बड़ी के कारण BLO को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है।मतदाता पूछ रहे हैं कि यदि उनका नाम 2002 की सूची में ही नहीं है तो SIR मिलान कैसे होगा?अभिषेक जैन ने स्पष्ट कहा कि—सरकार फर्जी मतदाताओं को हटाने का अभियान चला रही है, लेकिन वैध और पुराने मतदाताओं के नाम ही 2002 की सूची में नहीं हैं। ऐसे में पुनरीक्षण कैसे होगा? यह तो वैध मतदाताओं के अधिकार को ही खतरे में डालने जैसा है।”
BLO हुए परेशान — ऑफलाइन सूची में नहीं मिल रहे रिकॉर्ड
BLO का कहना है कि उन्हें ऑफलाइन सूचियों के आधार पर काम करना पड़ रहा है, जबकि यही सूचियाँ अधूरी और गलत हैं।कई BLO ने शिकायत की है कि—पुराने मतदाताओं के नाम नहीं मिल रहेलाइन गायब” होने से घर-घर जाकर मिलान असंभवमतदाता गुस्से में, BLO पर सवालों की बौछारइस स्थिति ने पुनरीक्षण अभियान को काफी धीमा और जटिल बना दिया है।
अगर नाम नहीं जोड़े गए तो होगा विरोध प्रदर्शन
क्षेत्रीय मतदाता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 2002 की लिस्ट में गायब नामों को वापस नहीं जोड़ा गया, तो उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।उन्होंने जिला निर्वाचन विभाग को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि—मतदाताओं के अधिकार से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। यदि वैध मतदाता सूचियों से बाहर हो गए तो आंदोलन होगा।”
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