नई दिल्ली | 13 नवंबर 2025
सोने और चांदी की कीमतों में आज फिर जोरदार उछाल देखने को मिला है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम ₹2,211 बढ़कर ₹1,26,124 पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी में भी बड़ी छलांग दर्ज की गई है — जो ₹7,103 बढ़कर ₹1,63,808 प्रति किलो हो गई है। पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की मांग में वृद्धि के कारण भारतीय बाजारों में भी दाम तेजी से ऊपर जा रहे हैं। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की प्रवृत्ति के चलते कीमती धातुओं की मांग बढ़ी है।

आज के प्रमुख अपडेट (Gold & Silver Price Highlights)
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सोना ₹2,211 की तेजी के साथ ₹1,26,124 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा।
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चांदी ₹7,103 उछलकर ₹1,63,808 प्रति किलो हो गई।
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कल सोना ₹1,23,913 और चांदी ₹1,56,705 पर थी।
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अक्टूबर में सोना ₹1,30,874 और चांदी ₹1,78,100 के ऑल टाइम हाई पर पहुंच चुकी थी।
इस साल अब तक सोने की कीमत ₹49,962 और चांदी ₹77,791 तक बढ़ चुकी है।
कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर में कमजोरी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की बढ़ती मांग, और भारत में त्योहारी सीजन की खरीदारी के कारण दामों में उछाल आया है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका की ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की चिंता ने भी कीमती धातुओं की ओर रुख बढ़ाया है।
शहरों में सोने के अलग-अलग रेट क्यों होते हैं
भारत में हर शहर में सोने के दाम एक जैसे नहीं होते। इसके पीछे चार प्रमुख वजहें हैं —
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ट्रांसपोर्टेशन खर्च: सोना आयात कर विभिन्न राज्यों तक पहुंचाया जाता है, जिससे लागत बढ़ती है।
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खपत और मांग: दक्षिण भारत में कुल सोने की खपत का करीब 40% हिस्सा है, जिससे वहां रेट थोड़ा कम रहते हैं।
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लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य की अपनी एसोसिएशन होती है जो दाम तय करती है।
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खरीद मूल्य में अंतर: जो ज्वेलर पहले सस्ता सोना खरीद लेते हैं, वे ग्राहकों को कम रेट दे सकते हैं।
खरीददारों के लिए जरूरी सलाह
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हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदें।
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वजन और कीमत को खरीदारी से पहले IBJA या अन्य विश्वसनीय स्रोतों से मिलान करें।
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24, 22 और 18 कैरेट सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं, इसलिए शुद्धता जांचना जरूरी है।

इस साल सोने-चांदी की कीमतों में तेज उछाल जारी है और त्योहारी मांग के चलते निकट भविष्य में भी इनके ऊंचे बने रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जो निवेशक दीर्घकालिक सुरक्षा चाहते हैं, उनके लिए यह समय कीमती धातुओं में निवेश के लिए उपयुक्त हो सकता है।





