बाराँ (मांगरोल),संवाददाता: जयप्रकाश शर्मा
मांगरोल कस्बे से कोटा जाने वाली राजस्थान रोडवेज बसों का संचालन लंबे समय से बंद होने के कारण आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इस मार्ग पर यात्रा करते हैं, लेकिन रोडवेज बसें बंद होने से उन्हें निजी बसों और वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो न केवल महंगे हैं बल्कि असुरक्षित भी साबित हो रहे हैं।
निजी बसों का मनमाना संचालन, यात्रियों की सुरक्षा खतरे में
रोडवेज बसों के बंद होने का सीधा लाभ निजी बस संचालकों को मिल रहा है।कोटा–मांगरोल रोड पर दिनभर दर्जनों निजी बसें बिना किसी रोकटोक के दौड़ रही हैं।इनमें से ज्यादातर बसें ओवरलोड यात्रियों को लेकर चलती हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बना रहता है।यात्रियों का कहना है कि निजी बसें मनमर्जी से किराया वसूल रही हैं, और कई बार समय पर उन्हें सीट भी नहीं मिलती। सार्वजनिक परिवहन की अनुपलब्धता ने उनकी रोजमर्रा की यात्रा को मुश्किल बना दिया है।
महिलाओं, दिव्यांगों, छात्रों और बुजुर्गों को योजनाओं से वंचित होना पड़ रहा
राजस्थान सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं रोडवेज सेवा बंद होने से प्रभावित हो रही हैं—
-
मुख्यमंत्री निशुल्क यात्रा योजना का लाभ क्षेत्र की महिलाओं को नहीं मिल पा रहा
-
दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों को जारी पास भी बेकार साबित हो रहे
-
सरकारी योजनाओं के बावजूद उन्हें भी निजी बसों का महंगा किराया देना पड़ रहा है
यह स्थिति क्षेत्र के हजारों लोगों को सीधे प्रभावित कर रही है।
राजनीतिक आश्वासन के बावजूद सेवा फिर बंद—लोग निराश
11 नवंबर को अंता विधानसभा उपचुनाव के दौरानराजस्थान सरकार के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा चुनाव प्रचार हेतु मांगरोल पहुंचे थे।इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनसे मांगरोल–कोटा मार्ग पर रोडवेज बसें पुनः शुरू करने की मांग रखी।मांग के बाद कोटा डिपो ने कुछ दिनों के लिए बस सेवा शुरू की, जिससे लोगों को राहत की उम्मीद जगी।लेकिन मात्र चार–पांच दिन बाद ही सेवा दोबारा बंद कर दी गई, जिससे जनता में रोष है और वे इसे प्रशासन की लापरवाही मान रहे हैं।स्थानीय नागरिकों और यात्रियों का कहना है कि रोडवेज बसें शुरू करना अब अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इस मार्ग पर यात्रियों की संख्या हमेशा अधिक रहती है। सड़क सुरक्षा, किराए का नियंत्रण और सरकारी योजनाओं का लाभ तभी सुनिश्चित होगा जब रोडवेज सेवा नियमित रूप से बहाल की जाएगी।
स्थानीय लोगों की मांग: बस सेवा तुरंत बहाल की जाए
यात्रियों, सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक प्रतिनिधियों ने राजस्थान परिवहन विभाग से आग्रह किया है कि—
-
मांगरोल–कोटा रोड पर नियमित रोडवेज बसें चलाई जाएं
-
निजी बसों की मनमानी पर नियंत्रण लगाया जाए
-
सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे
सार्वजनिक परिवहन किसी भी क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकता है, और इस मार्ग पर रोडवेज सेवा बंद रहने से आम जनता परेशान हो रही है।
#RajasthanRoadways #MangarolNews #KotaBusService #PublicTransportIssue #PrivateBusOperators #WomenFreeTravelScheme #RajasthanTransport