अभियान की रूपरेखा
पुलिस ने अपराधियों की संपत्तियों की गहन जांच के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया था। इन टीमों ने खेतों की ढाणियों से लेकर शहर के मकानों तक की तलाशी ली। इस दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं, जो अपराधियों की अवैध गतिविधियों को उजागर करने में सहायक होंगे।
प्रमुख ठिकानों पर कार्रवाई
1. दुतारांवाली गांव – अनमोल बिश्नोई का ठिकाना
पहली टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीर प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में दुतारांवाली गांव में दबिश दी। यहां अनमोल बिश्नोई पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। टीम ने उसके पैतृक मकान, ट्रैक्टर, स्कॉर्पियो, ट्रॉली और कृषि उपकरणों की जांच की। लगभग 100 बीघा जमीन का भी ब्यौरा लिया गया। डॉग स्क्वॉड और मेटल डिटेक्टर की मदद से घर की तलाशी ली गई।
2. लूणकरणसर क्षेत्र – रोहित गोदारा का ठिकाना
दूसरी टीम ने एएसपी सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में लूणकरणसर क्षेत्र में छापा मारा। आरोपी रोहित गोदारा पर बीकानेर पुलिस का एक लाख और एनआईए का छह लाख रुपये का इनाम घोषित है। टीम ने उसकी ढाणी में बने पक्के मकान और 21 बीघा खेत की जांच की। इसके अलावा गांव कपूरीसर में 18 बीघा जमीन की भी तलाशी ली गई।
3. 15 जैड गांव – अमित पंडित और योगेश स्वामी के ठिकाने
तीसरी टीम ने वृत्ताधिकारी राहुल यादव के नेतृत्व में 15 जैड गांव में दबिश दी। यहां आरोपी अमित पंडित और योगेश स्वामी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। पुलिस ने उनके पैतृक घरों की बारीकी से तलाशी ली। इस टीम में क्यूआरटी और जिला विशेष शाखा के जवान भी शामिल रहे।
4. अनूपगढ़ वृत – कार्तिक जाखड़ का ठिकाना
चौथी टीम ने अनूपगढ़ वृताधिकारी प्रशांत कौशिक के नेतृत्व में ढाणी 1 केएलडी पर छापा मारा। आरोपी कार्तिक जाखड़ पर 25 हजार रुपये का इनाम है। पुलिस ने खेत में बनी कच्ची ढाणी और दादा के नाम पर पंजीकृत जमीन की जांच की।
तकनीकी सहायता और निगरानी
इस अभियान में पुलिस ने ड्रोन की मदद से निगरानी की। इसके अलावा, मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड का भी उपयोग किया गया, जिससे तलाशी की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनी। पुलिस ने फाइनेंशियल ट्रेल की जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया था, जिन्होंने अपराधियों की संपत्तियों की गहन पड़ताल की।
भविष्य की रणनीति
राजस्थान पुलिस ने इस अभियान के सफल संचालन के बाद भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाइयों को जारी रखने का निर्णय लिया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि राज्य में संगठित अपराधियों के खिलाफ यह अभियान एक उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए है।





