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टोंक में गुर्जर समाज का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

-टोंक में शुक्रवार को एमबीसी वर्ग की लंबित मांगों को लेकर गुर्जर समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। बड़ी संख्या में समाज के सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राजस्थान गुर्जर महासभा की ओर से जिला अध्यक्ष उदयलाल गुर्जर के नेतृत्व में दिया गया। इस दौरान गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामलाल संडीला, प्रदीप गुर्जर, जगदीश गुर्जर, रामावतार धाभाई, नीरज गुर्जर, अजय खटाना, दीपेंद्र, और राहुल गुर्जर सहित कई समाजजन मौजूद रहे।

 

गुर्जर समाज की प्रमुख मांगें

गुर्जर समाज ने ज्ञापन के माध्यम से कई अहम मुद्दे उठाए। समाज ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा पांच जातियों को एमबीसी वर्ग में सम्मिलित कर पांच प्रतिशत आरक्षण दिया गया था, लेकिन यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इससे समाज में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। समाज ने मांग की कि एमबीसी आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए, ताकि यह स्थायी रूप से सुरक्षित रहे।

 

देवनारायण बोर्ड को स्वायत्तता देने की मांग

समाज ने जस्टिस जसराज चौपड़ा कमेटी की सिफारिशों को लागू करने और देवनारायण बोर्ड को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वायत्तता देने की मांग की। उनका कहना है कि सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़े गुर्जर समुदाय के उत्थान के लिए यह आवश्यक है।

 

नागपहाड़ को अतिशय क्षेत्र घोषित करने की मांग

ज्ञापन में गुर्जर महासभा ने पुष्कर स्थित नागपहाड़ को श्री देवनारायण अतिशय क्षेत्र घोषित करने की मांग दोहराई। साथ ही, नागपहाड़ पर सवाई भोज, साडू माता, श्री देवनारायण और गुरु रूपनाथजी के स्मारक बनाने और सड़क निर्माण की भी मांग रखी गई।

 

एमबीसी वर्ग को पूर्ण लाभ देने की अपील

समाज ने कहा कि एमबीसी आरक्षण मिलने के बावजूद उन्हें अभी तक पूर्ण पद का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से अपील की कि एमबीसी वर्ग के सभी पदों पर समान रूप से लाभ सुनिश्चित किया जाए।

 

अन्य जातियों को जोड़ने का विरोध

समाज ने कहा कि एमबीसी वर्ग में केवल वही पांच जातियां रहें जिन्हें मूल रूप से आरक्षित किया गया था। अन्य जातियों को इसमें शामिल करने से उनके अधिकारों का हनन होगा, इसलिए ऐसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए।

 

समाज के नेताओं की प्रतिक्रिया

उदयलाल गुर्जर, जिला अध्यक्ष, राजस्थान गुर्जर महासभा (टोंक) ने कहा, “हमारी मांगें वर्षों से लंबित हैं। सरकार को चाहिए कि समाज में व्याप्त भ्रम को खत्म करते हुए एमबीसी आरक्षण को संविधानिक सुरक्षा प्रदान करे।”

जगदीश गुर्जर, समाज प्रतिनिधि (टोंक) ने कहा, “हमने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई है। अब सरकार से उम्मीद है कि वह जल्द ठोस कार्रवाई करेगी।”

 

टोंक में गुर्जर समाज ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए अपनी पुरानी मांगों को फिर से सरकार के सामने रखा है। समाज का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को राज्य स्तर पर और व्यापक किया जाएगा।

 

संवाददाता – केशव राज सैन

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