बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में जहां राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारक हेलिकॉप्टर से घूम रहे हैं,वहीं कटिहार जिले के एक किसान ने लोकतंत्र के इस त्योहार को देसी अंदाज़ में मनाया।वो बाइक या कार से नहीं, बल्कि अपनी भैंस पर सवार होकर वोट डालने पहुंचे!इस अनोखे अंदाज़ को देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए और किसी ने तुरंत वीडियो बना लिया।
वीडियो वायरल – सोशल मीडिया पर छा गया देसी वोटर
इस किसान का वीडियो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।वीडियो में किसान पारंपरिक धोती और गमछा पहने, भैंस पर आराम से बैठे हुए नजर आ रहे हैं।वो मतदान केंद्र की ओर जा रहे हैं और आसपास के लोग हंसते हुए उन्हें देखकर “जय किसान!” के नारे लगा रहे हैं।वीडियो के वायरल होते ही ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और फेसबुक परलोगों ने किसान के इस देसी गर्व भरे अंदाज़ को ‘लोकतंत्र की सच्ची तस्वीर’ बताया।
किसान बोला – वोट देने का हक, भले भैंस पर जाऊं!
जब मीडिया ने किसान से पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा — “हम किसान हैं, भैंस हमारी साथी है… ट्रैक्टर नहीं मिला तो उसी पर बैठकर वोट देने आ गए!”उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को मतदान का अधिकार है,और कोई भी दूरी या साधन की कमी उन्हें इससे नहीं रोक सकती।
गांववालों में उत्साह, बना चर्चा का विषय
कटिहार के इस गांव में किसान का यह अंदाज़ अब चर्चा का विषय बन गया है।गांव के लोग कहते हैं कि यह देसी अंदाज़ ग्रामीण भारत की असली झलक है।बच्चे और बुजुर्ग सभी इस वीडियो को देखकर गर्व महसूस कर रहे हैं किउनके गांव का नाम अब सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।
सोशल मीडिया पर मजेदार रिएक्शन – “देशी लोकतंत्र ज़िंदाबाद!”
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई मजेदार रिएक्शन आए।किसी ने लिखा — “भैंस पर बैठकर वोट डालने वाला किसान ही असली ब्रांड एंबेसडर है।”तो किसी ने कहा — “जहां नेता हेलिकॉप्टर से आते हैं, वहां जनता भैंस पर भी आ जाए तो फर्क नहीं पड़ता, यही लोकतंत्र है!”लोगों ने इसे लोकतांत्रिक जोश और देसी स्वाभिमान की मिसाल बताया।
लोकतंत्र का संदेश – साधन नहीं, संकल्प मायने रखता है
इस किसान की सादगी ने यह साबित कर दिया किवोट डालने का जज्बा किसी गाड़ी या साधन का मोहताज नहीं होता।चाहे भैंस हो या बैलगाड़ी — जब नागरिक अपने अधिकार के लिए निकले,तो वही लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत तस्वीर बन जाती है।बिहार चुनाव के इस शोरगुल के बीच यह देसी किसानलोगों को याद दिला गया कि लोकतंत्र की असली ताकत गांव के आम मतदाता में है।उसका अंदाज़ भले देसी था, लेकिन उसका संदेश बड़ा था —“वोट हमारा हक है, चाहे भैंस पर जाना पड़े, जाएंगे ज़रूर।”





