जोधपुर | जोधपुर में गुरुवार को नगर निगम ने हाईकोर्ट के आदेशों के बाद एम्स रोड पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। निगम टीम ने दाऊजी की होटल से लेकर एम्स के गेट नंबर 6 तक फैले क्षेत्रों में दुकानों, ठेलों और ढाबों द्वारा किए गए कब्जों को हटाया। यह कार्रवाई सुबह से लेकर दोपहर तक चली, जिसमें निगम दस्ते ने सड़क पर अतिक्रमण कर बनाए गए चबूतरों, शेडों और ठेलों को हटाकर रास्ता साफ किया। कई जगह जेसीबी की मदद से संरचनाओं को ध्वस्त किया गया और अतिक्रमण का सामान निगम के वाहनों में जब्त किया गया।


ठेले-ढाबे वाले गायब, केवल दुकानदारों पर कार्रवाई से उठे सवाल
एम्स रोड पर एक तरफ मेडिकल दुकानदारों ने शेड और प्लेटफॉर्म बना रखे थे, वहीं दूसरी तरफ ठेले और ढाबों वालों ने लंबे समय से जगह कब्जाई हुई थी। लेकिन जैसे ही कार्रवाई की सूचना इलाके में फैली, रोजाना लगने वाले अधिकांश थड़ी-ठेले वाले वहां से गायब हो गए। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जब कार्रवाई की बात आई तो अस्थायी ठेले वाले तो पहले ही हट गए, लेकिन स्थायी दुकानदारों पर सीधी कार्रवाई कर निगम ने भेदभाव किया है। कई दुकानदारों ने कहा कि अगर उन्हें नोटिस मिल जाता तो वे खुद ही अपना सामान हटा लेते और भारी नुकसान से बच जाते।
मेडिकल दुकानदार बोले—पहले सूचना दी होती तो नुकसान न होता
मेडिकल दुकानदारों ने बताया कि एम्स रोड पर नाले के ऊपर बनी संरचनाओं को हटाने से पहले कई बार नोटिस दिया गया था, लेकिन इस बार बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई कर दी गई। दुकानदारों के अनुसार, उन्हें उम्मीद थी कि पहले नोटिस देकर समय दिया जाएगा, मगर ऐसा नहीं हुआ। इस कारण कई दुकानों के आगे बने शेड और चबूतरों को जेसीबी से ढहा दिया गया, जिससे भारी नुकसान हुआ। दुकानदारों ने कहा कि निगम को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन सरस डेयरी बूथ जैसे कुछ ठिकानों को untouched छोड़ दिया गया।
सरस डेयरी बूथ पर कार्रवाई न होने पर भी सवाल
एम्स रोड पर लगे सरस डेयरी बूथ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी रही। इस पर स्पष्टीकरण देते हुए नगर निगम जोन-2 के उपायुक्त ताराचंद वेंकट ने कहा कि डेयरी बूथों की संख्या और उनकी उपयोगिता का पुनः परीक्षण कराया जाएगा। यह देखा जाएगा कि कितने बूथों की जरूरत है और उसके बाद माना जाने वाला अतिक्रमण हटा दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया अलग से चलाई जाएगी ताकि किसी प्रकार की गलत कार्रवाई न हो।
पार्किंग के बाहर खड़ी गाड़ियों की समस्या फिर उजागर
कार्रवाई के दौरान एम्स की पार्किंग के बाहर सड़क पर अनियमित रूप से खड़ी गाड़ियों पर भी सवाल उठे। पार्किंग ठेकेदार ने बताया कि यहां रोज इसी तरह गाड़ियां खड़ी होती हैं, जिससे ट्रैफिक बाधित होता है। निगम ने पुलिस को बुलाकर कई वाहनों के चालान कटवाए और चेतावनी भी दी कि आगे से पार्किंग नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए।
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद सख्ती बढ़ी
राजस्थान हाईकोर्ट ने 13 नवंबर को एम्स रोड के गेट नंबर 3 और 4 के आसपास किए गए सभी अतिक्रमणों को 9 दिसंबर तक हटाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक किसी भी भारी वाहन को इस रोड पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कोर्ट ने जिला कलेक्टर सहित सभी प्रशासनिक एजेंसियों को सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी थी। इसी निर्देश के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई तेज की है।
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