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आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल के दो नए ठिकाने उजागर, खेतों में भी छिपा रखे थे विस्फोटक—NIA की बड़ी कार्रवाई

दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने आतंकी मॉड्यूल के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल शकील के दो और नए ठिकानों का पता लगाया है। आरोपी अल-फलाह यूनिवर्सिटी का सर्जन था और उसने फरीदाबाद के कई इलाकों में गुप्त ठिकाने बनाकर विस्फोटक सामग्री छिपा रखी थी। जांच में सामने आया कि उसने फतेहपुर तगा और धौज के अलावा खोरी जमालपुर गांव में भी एक 3 बेडरूम का मकान किराए पर लिया था।

 

3 बेडरूम का मकान— फल का व्यापार बताकर लिया किराए पर

NIA की जांच में पता चला कि मुजम्मिल ने खोरी जमालपुर गांव के पूर्व सरपंच जुम्मा का तीन बेडरूम, किचन और हॉल वाला मकान 8 हजार रुपये मासिक पर किराए पर लिया था। उसने पूर्व सरपंच को बताया था कि वह कश्मीरी फलों का व्यापार करना चाहता है और उन्हें रखने के लिए बड़ा कमरा चाहिए। अप्रैल से जुलाई 2025 तक वह इस घर में कई बार आया और अधिकतर बार उसके साथ अल-फलाह यूनिवर्सिटी की डॉक्टर शाहीन सईद भी होती थी।

 

कब और कैसे शुरू हुआ संपर्क?

पूर्व सरपंच जुम्मा ने बताया कि उनकी मुजम्मिल से पहली मुलाकात तब हुई जब वह अपने कैंसर पीड़ित भतीजे के इलाज के लिए अल-फलाह अस्पताल गए थे। वहां उनकी पहचान मुजम्मिल और डॉ. उमर नबी से हुई। इलाज के दौरान बातचीत बढ़ी और इसी दौरान मुजम्मिल ने उनसे कमरे की जरूरत बताई। लगभग ढाई महीने बाद उसने अचानक कहा कि गर्मी ज्यादा है और वह कमरा खाली करना चाहता है।

 

खेतों में 2540 किलो बारूद छिपा रखा था

जांच का सबसे बड़ा खुलासा यह रहा कि आतंकी मुजम्मिल ने करीब 2540 किलो अमोनियम नाइट्रेट यूनिवर्सिटी के पास खेतों में बने एक कमरे में 12 दिनों तक छिपाकर रखा था। यह स्थान फतेहपुर तगा और धौज में विस्फोटक निर्माण से पहले एक अस्थायी स्टोरेज के रूप में उपयोग किया गया। शाम के समय मुजम्मिल अपनी गाड़ी से कट्टे लेकर आता था और यहां उतार देता था। इस काम में उसे किसान बदरू और इमाम इश्तियाक की मदद मिली।

 

किसान बदरू की जमीन पर बना था गुप्त स्टोर रूम

अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पीछे स्थित खेतों में किसान बदरू की जमीन है। मस्जिद में नमाज़ के दौरान उसकी पहचान मुजम्मिल से हुई और वहीं से दोनों के बीच संपर्क बना। मुजम्मिल ने बदरू को भरोसे में लेकर विस्फोटक के कट्टों को कुछ दिनों तक रखने की अनुमति ले ली। पर जब कट्टे 10–12 दिनों तक वहीं पड़े रहे, बदरू ने उनसे कहा कि चोरी का डर है, इसलिए सामान तुरंत हटा दिया जाए।

 

विस्फोटक फिर इमाम इश्तियाक के घर में पहुंचाया गया

किसान बदरू के दबाव के बाद मुजम्मिल ने विस्फोटक सामग्री को गांव फतेहपुर तगा में इमाम इश्तियाक के पुराने घर के कमरे में शिफ्ट कराया। यहीं रखा तैयार विस्फोटक दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ। सोमवार रात NIA मुजम्मिल को न‍िशानदेही के लिए यहां लेकर आई, जहां पूर्व सरपंच जुम्मा ने उसे पहचान लिया।

 

मुजम्मिल ने मकान खाली किया, सामान भी साथ ले गया

जुम्मा ने बताया कि जब मुजम्मिल मकान खाली कर गया, तब 15 दिन की देरी हो चुकी थी लेकिन वह डॉक्टर होने के कारण उन्होंने किराया नहीं लिया। मकान छोड़ते समय वह अपना गद्दा, कूलर, चादर सहित पूरा सामान साथ ले गया। बाद में NIA ने जुम्मा से कई घंटे पूछताछ की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी हासिल की।

 

NIA की जांच में और भी हो सकते हैं बड़े खुलासे

NIA का मानना है कि मुजम्मिल अकेला काम नहीं कर रहा था, बल्कि उसके साथ पूरा मॉड्यूल सक्रिय था। कई ठिकानों और विस्फोटक की मात्रा देखकर एजेंसी को शक है कि आतंकी नेटवर्क और बड़ा हो सकता है। आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारी और ठिकानों के खुलासे हो सकते हैं।

 

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