ePaper
1003582561 1762081520

कजाकिस्तान से एयरलिफ्ट किए गए MBBS छात्र राहुल की मौत, 13 दिन से वेंटिलेटर पर थे

कजाकिस्तान में MBBS की पढ़ाई कर रहे राजस्थान के छात्र राहुल घोसल्या (22) का निधन हो गया। राहुल को 13 दिनों से जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर रखा गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज कर रही थी, लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने बताया कि राहुल को ब्रेन हेमरेज के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। सभी मेडिकल प्रयासों के बावजूद उनका दिमाग रिस्पॉन्ड नहीं कर पा रहा था।

 

G3C9QwFXkAAe hz e1762084500242

8 अक्टूबर को हुआ था ब्रेन हेमरेज

राहुल वर्ष 2021 से कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में MBBS की पढ़ाई कर रहे थे। 8 अक्टूबर को कॉलेज लाइब्रेरी में पढ़ाई के दौरान उन्हें अचानक उल्टियां और चक्कर आने लगे। तबीयत बिगड़ने पर दोस्तों ने उन्हें अस्पताल पहुँचाया, जहां डॉक्टरों ने ब्रेन हेमरेज की पुष्टि की। अगले कुछ घंटों तक राहुल होश में रहे, लेकिन उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रख दिया और बाद में हालत गंभीर बताई।

 

दिवाली के दिन एयर एंबुलेंस से लाए गए थे भारत

राहुल की गंभीर स्थिति की खबर मिलते ही परिवार ने राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय से मदद की अपील की। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने राहुल की सुरक्षित वापसी के लिए समर्थन जताया।परिवार ने राहुल को भारत लाने की गुहार लगाई थी। राज्य सरकार, विदेश मंत्रालय, और राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RANA) के प्रयासों से राहुल को 20 अक्टूबर (दिवाली के दिन) कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना से एयर एंबुलेंस के जरिए जयपुर लाया गया था। एयरपोर्ट से उन्हें क्रिटिकल केयर एंबुलेंस के माध्यम से SMS हॉस्पिटल पहुँचाया गया।

 

7fbd5609683d0b4a97829322475b41e81761027054346898 original

 

rahulll1760973134 1762084371

SMS हॉस्पिटल में एक्सपर्ट टीम कर रही थी इलाज

SMS हॉस्पिटल प्रशासन ने राहुल के इलाज के लिए चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की थी। टीम में डॉ. दिनेश खंडेलवाल (न्यूरोलॉजी), डॉ. निहार शर्मा (एनेस्थीसिया), डॉ. जी.एल. धायल (जनरल मेडिसिन) और डॉ. सतीश मीणा (इमरजेंसी मेडिसिन) शामिल थे। टीम की मॉनिटरिंग कॉलेज प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी और अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी कर रहे थे। इलाज में लगातार कोशिशें जारी थीं, लेकिन ब्रेन रिस्पॉन्स न मिलने के कारण राहुल को बचाया नहीं जा सका।

 

गांव में छाया मातम, परिवार का टूटा सपना

राहुल जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील के नयाबास गांव के रहने वाले थे। उनके निधन की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। राहुल अपने परिवार में सात बहनों के बीच इकलौते भाई थे। पिता ने कहा कि वे बेटे को डॉक्टर बनते देखने का सपना देख रहे थे, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। पूरे गांव में राहुल के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया गया।

 

whatsapp image 2025 10 16 at 170145 11760618382176 1762084430

राहुल की मदद में आगे आया RANA संगठन

राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RANA) ने राहुल को भारत लाने में प्रमुख भूमिका निभाई। संगठन के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय से संपर्क कर मदद दिलाई। इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड और अन्य भारतीय संगठनों ने भी सहयोग किया। इन प्रयासों से राहुल को सुरक्षित भारत लाया जा सका, हालांकि उनकी जिंदगी नहीं बच पाई।

 

सोशल मीडिया पर उमड़ा समर्थन, पर नहीं बच सकी जान

राहुल की हालत की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। हजारों लोगों ने उनकी सलामती की दुआ की और परिवार को आर्थिक सहयोग दिया। लेकिन 13 दिन तक चले संघर्ष के बाद राहुल ने दम तोड़ दिया।

उनकी कहानी ने यह सवाल फिर उठाया है कि विदेशों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए आपातकालीन मेडिकल सुविधाएं और बीमा व्यवस्था कितनी जरूरी हैं।

 

#RahulGhoslya #JaipurNews #RajasthanNews #MBBSStudent #Kazakhstan #AirAmbulance #SMSHospital #BrainHemorrhage #BreakingNews #RANA #MedicalNews #EducationNews #IndiaNews

Spread the love

मुंबई | भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार, 27 नवंबर को 14 महीने बाद नया ऑलटाइम हाई छू लिया। सुबह के सत्र में ही निफ्टी 26,310 के स्तर पर पहुंच गया,...

Categories

Recent Posts

राज-नीति News

Banner Image
Banner Image
WhatsApp Chat