टोंक (पीपलू उपखंड),संवाददाता: भरत शर्मा
माताजी मंदिर के प्रांगण में तेजाजी महाराज के पास लगे ट्रांसफार्मर (डीपी) के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने आते हैं, जबकि बच्चे परिसर की बाउंड्री के पास खेलते रहते हैं। ऐसे में मंदिर के बिल्कुल समीप लगा यह ट्रांसफार्मर किसी बड़े हादसे की चेतावनी दे रहा है।
बरसात और नमी के दौरान उठती चिंगारियाँ, ग्रामीणों में डर का माहौल
ग्रामीण नरेश मीणा के अनुसार बरसात या नमी के दिनों में यह ट्रांसफार्मर अक्सर चिंगारी छोड़ता है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का गंभीर खतरा बना रहता है।मंदिर परिसर में लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही और बच्चों की मौजूदगी इस खतरे को और बढ़ा देती है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी समय बड़ी अनहोनी हो सकती है।
कई बार दिया प्रार्थना पत्र, फिर भी कार्रवाई शून्य
ग्रामीणों ने कई बार ग्राम सभा में लिखित प्रार्थना पत्र देकर प्रशासन से अनुरोध किया है कि—
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ट्रांसफार्मर को मंदिर परिसर से दूर शिफ्ट किया जाए
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आसपास सुरक्षा बैरिकेड या कवच लगाया जाए
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मंदिर परिसर की सुरक्षा बढ़ाई जाए
लेकिन कई महीनों से शिकायतें देने के बावजूद प्रशासन और बिजली विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं
“हादसा होने के बाद ही क्या जागेगा प्रशासन?”
ग्रामीणों में नाराजगी और भय स्पष्ट है। उनका कहना है कि मंदिर के पास ट्रांसफार्मर की लोकेशन गलत है और इसे तुरंत बदला जाना चाहिए।लोगों का सवाल है—“क्या प्रशासन हादसा होने का इंतजार कर रहा है? बच्चे और श्रद्धालु रोज खतरे के बीच गुजरते हैं, फिर भी ट्रांसफार्मर वहीं का वहीं है।”
बिजली विभाग पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार यह ट्रांसफार्मर:
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नमी में चिंगारी छोड़ता है
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सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करता
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ओपन एरिया में खतरनाक स्थिति में लगा है
इससे शॉर्ट सर्किट, आग और करंट लगने की घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है।
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