कोटा (तेजपाल सिंह बग्गा)
ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर शुक्रवार देर रात अचानक आलनिया बांध की नहरों का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान नहर निर्माण में उपयोग हो रही घटिया सामग्री और खराब गुणवत्ता देखकर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को पूरे कार्य की जांच कराने और घटिया निर्माण को तीन दिनों में तोड़ने के निर्देश दे दिए।
रात्रि चौपाल में उठी थी शिकायत, मंत्री तुरंत पहुंचे स्थल पर
कुछ दिनों पहले रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि—
-
नहरों में क्रशर डस्ट,
-
कमजोर टाइलें,
-
और घटिया सरफेस क्वालिटी
का उपयोग किया जा रहा है।इसी आधार पर मंत्री नागर कनवास से लौटते समय देर रात आलनिया बांध पहुंचे, जहाँ ग्रामीणों की बड़ी संख्या मौजूद थी।
दीवार छूते ही झड़ने लगी क्रशर डस्ट
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने नहर की दीवार पर पैर और हाथ से जोर दिया तो—
-
दीवारों से क्रशर डस्ट झड़ने लगी
-
टाइलें हिलती हुई पाई गईं
-
सरफेस पूरी तरह असंतुलित नजर आया
यह देखकर मंत्री ने एसई (Superintending Engineer) से पूछा, जिन्होंने स्वीकार किया कि निर्माण गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है।
मंत्री नागर के सख्त निर्देश: “घटिया काम तोड़ो, पूरी जांच कराओ”
मंत्री नागर ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा:“बिलो रेट पर काम लेने की प्रवृत्ति ने सरकारी निर्माण को बदनाम कर दिया है। अब यह बर्दाश्त नहीं होगा। घटिया काम पूरी तरह तोड़ो और जांच रिपोर्ट तीन दिनों में दो।”उन्होंने यह भी कहा कि—
-
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार जीरो टॉलरेंस पर काम करती है
-
भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण खत्म करना प्राथमिकता है
-
अच्छे काम करने वालों को प्रोत्साहन दिया जाएगा
जल संसाधन मंत्री से भी की थी शिकायत, विजिलेंस जांच की मांग
रात्रि चौपाल के बाद ऊर्जा मंत्री नागर ने इस मुद्दे परजल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत से फोन पर चर्चा की थी।उन्होंने विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर—
-
विजिलेंस टीम द्वारा 2 वर्ष की जांच
-
हरिश्चंद्र सागर, आलनिया और सावन भादौ परियोजनाओं की टेस्टिंग जैसी मांगें भी रखीं।
पीएचईडी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश
बनियानी गांव में ग्रामीणों ने बताया कि पीएचईडी ठेकेदार ने—
-
डेढ़ साल से पूरे गांव को खोदा हुआ छोड़ रखा है
-
पाइप लाइन नहीं डाली
-
कनेक्शन भी नहीं दिए
जिस पर ऊर्जा मंत्री नागर ने जलदाय विभाग के अधिकारी दीपक झा को फोन कर कहा—“ऐसे ठेकेदार को तुरंत ब्लैकलिस्ट करें। एक महीने में पूरी जांच कर रिकवरी निकालें।”
नहरों के विस्तार और पानी बढ़ाने की नई योजना
मंत्री नागर ने कहा कि—
-
आलनिया बांध 75% निर्भरता पर डिजाइन किया गया था
-
27 वर्षों में केवल 11 साल ही पूरा भरा
-
36 गांवों तक पानी नहीं पहुँचा
सरकार अब चंबल दायीं मुख्य नहर से पानी लिफ्ट कर इन्हें सिंचाई सुविधा देने की योजना पर काम कर रही है।
इसके लिए—
-
बांध की ऊंचाई बढ़ाने का सर्वे
-
डायवर्जन चैनल
-
फीजिबिलिटी रिपोर्ट
लगभग 90% पूरी हो चुकी है।
#KotaNews #EnergyMinisterNagar #AlaniaDam #CanalInspection #PoorConstruction #RuralComplaint #RajasthanUpdate





