रांची इंडिगो फ्लाइट हार्ड लैंडिंग की खबर ने शुक्रवार रात पूरे देश का ध्यान खींचा, जब बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान विमान का पिछला हिस्सा जमीन से टकरा गया। यह घटना ऐसे समय सामने आई जब देश में एविएशन सेफ्टी को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। रांची इंडिगो फ्लाइट हार्ड लैंडिंग में 56 यात्री सवार थे, जिनमें से कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आने की सूचना है। हालांकि सभी यात्री सुरक्षित बताए गए, लेकिन अचानक लगे झटके से विमान के अंदर चीख-पुकार मच गई।
भुवनेश्वर-रांची इंडिगो विमान संख्या 6ई-7361 में तकनीकी खराबी का पता चलने के बाद इसकी हार्ड लैंडिंग कराई जा रही थी। -फाइल फोट
भुवनेश्वर से रांची आ रही फ्लाइट में क्या हुआ
इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 6ई-7361 ने शुक्रवार शाम 7:55 बजे भुवनेश्वर से उड़ान भरी थी। यह फ्लाइट तय समय पर 8:30 बजे रांची एयरपोर्ट पर लैंड करने वाली थी। लैंडिंग से पहले पायलट को तकनीकी खराबी का संकेत मिला, जिसके बाद एहतियातन रांची इंडिगो फ्लाइट हार्ड लैंडिंग कराई गई। इसी दौरान विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकरा गया।
तकनीकी खराबी और हार्ड लैंडिंग की वजह
एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब किसी विमान में तकनीकी खराबी आती है और सामान्य लैंडिंग संभव नहीं होती, तब हार्ड लैंडिंग का सहारा लिया जाता है। इसमें विमान को अपेक्षाकृत ज्यादा तेजी से रनवे पर उतारना पड़ता है। रांची इंडिगो फ्लाइट हार्ड लैंडिंग के मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन तेज झटके के कारण विमान का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
यात्रियों की स्थिति और सुरक्षा इंतजाम
घटना के तुरंत बाद पायलट ने विमान को पूरी तरह कंट्रोल में रखा और उसे सुरक्षित रूप से एप्रन तक ले जाया गया। यात्रियों को विमान से उतारकर मेडिकल जांच कराई गई। कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आईं, लेकिन किसी की हालत गंभीर नहीं बताई गई।
विमान को ग्राउंडेड क्यों किया गया
इंजीनियरों की शुरुआती जांच में विमान को उड़ान के लिए असुरक्षित बताया गया। इसके बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए विमान को ग्राउंडेड घोषित कर दिया। रांची इंडिगो फ्लाइट हार्ड लैंडिंग के बाद यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी माना गया।
रांची एयरपोर्ट पर अगली उड़ानें क्यों हुईं प्रभावित
हादसे का असर रांची से भुवनेश्वर जाने वाली अगली इंडिगो फ्लाइट पर भी पड़ा। यात्रियों को देर रात तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा। इंडिगो की ओर से पहले वैकल्पिक विमान की बात कही गई, लेकिन व्यवस्था नहीं हो सकी। अंततः यात्रियों के लिए होटल और भोजन की सुविधा दी गई।
एविएशन सेफ्टी पर फिर उठे सवाल
रांची इंडिगो फ्लाइट हार्ड लैंडिंग ने एक बार फिर एविएशन सेफ्टी और विमानों की तकनीकी जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के वर्षों में हार्ड लैंडिंग और तकनीकी खराबी से जुड़ी घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे यात्रियों की चिंता स्वाभाविक है।
इंडिगो एयरलाइंस की प्रतिक्रिया
इंडिगो एयरलाइंस की ओर से कहा गया है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। एयरलाइंस ने यह भी स्पष्ट किया कि DGCA के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी प्रक्रियाएं अपनाई गईं।
यात्रियों के अधिकार और नियम
भारतीय नागरिक उड्डयन नियमों के अनुसार, यदि किसी फ्लाइट में देरी या रद्दीकरण होता है तो यात्रियों को भोजन, ठहराव और वैकल्पिक यात्रा की सुविधा देना एयरलाइंस की जिम्मेदारी है। इस मामले में इंडिगो ने यात्रियों को होटल में ठहराया, जो नियमों के तहत आता है।
भविष्य में ऐसे हादसों से कैसे बचा जाए
एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि विमानों की नियमित और गहन तकनीकी जांच, पायलट ट्रेनिंग और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से ऐसे हादसों को कम किया जा सकता है। रांची इंडिगो फ्लाइट हार्ड लैंडिंग से सीख लेते हुए DGCA और एयरलाइंस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
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