Goa Nightclub Fire 2025 के अरपोरा क्षेत्र में स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में आधी रात लगी आग ने पूरे देश को दहला दिया। इस हादसे में 25 निर्दोष लोगों की जान गई, जबकि कई लोग घायल हुए। जांच में सामने आया कि घटना केवल दुर्घटना नहीं थी, बल्कि लापरवाही, अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का संगठित परिणाम थी। यही कारण है कि Goa Nightclub Fire 2025 अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है।
आग कैसे लगी? शुरुआती जांच में क्या निकला?
पुलिस और फायर विभाग की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि क्लब के भीतर इलेक्ट्रिक पायरो-गन (electric pyro gun) चलाई गई थी।
चिंगारी लकड़ी की सीलिंग पर गिरी और देखते ही देखते आग फैल गई।
गानों के बीच चल रही यह लाइटिंग एक्टिविटी महंगी पड़ गई और कुछ ही मिनटों में क्लब धुएँ से भर गया।
दमकल की चुनौतियाँ – 400 मीटर दूर खड़े करने पड़े फायर टेंडर
जगह बेहद संकरी होने के कारण दमकल वाहनों को क्लब से 400 मीटर दूर रोकना पड़ा।
इससे रेस्क्यू धीमा हो गया और धुएँ में फंसे लोग बाहर नहीं आ सके।
सिर्फ एक निकास द्वार होने के कारण ग्राउंड फ्लोर पर अधिकांश मौतें दम घुटने से हुईं।
कितने लोगों की मौत? कौन थे घायल?
Goa Nightclub Fire 2025 में:
-
25 लोगों की मौत
-
6 लोग घायल
-
20 मृतक क्लब कर्मचारी थे
-
मृतकों में दिल्ली सहित कई राज्यों के पर्यटक भी थे
-
4 नेपाली नागरिक भी मृतकों में शामिल
अधिकतर शव बुरी तरह जले और पहचान कठिन थी।
FIR किस-किस पर और किन धाराओं में दर्ज?
अंजुना पुलिस ने नाइटक्लब मालिकों के खिलाफ IPC-2023 की निम्न धाराओं में केस दर्ज किया:
-
धारा 105
-
धारा 125
-
धारा 125A
-
धारा 125B
-
धारा 287
इन सबमें लापरवाही से मृत्यु, अवैध निर्माण, सुरक्षा उल्लंघन, और जनहानि के लिए जिम्मेदारी जैसे गंभीर प्रावधान शामिल हैं।
कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?
अब तक 4 गिरफ्तारियां:
राजीव मोदक – चीफ जनरल मैनेजर
प्रियांशु ठाकुर – गेट मैनेजर
राजवीर सिंघानिया – बार मैनेजर
विवेक सिंह – जनरल मैनेजर
अब मालिक सौरव लूथरा और गौरव लूथरा की तलाश तेज हो गई है।
किन अधिकारियों पर गिरी गाज?
सरकार ने 3 वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित किया है:
-
सिद्धि तुषार हरलंकर – पूर्व पंचायत निदेशक
-
डॉ. शमिला मोंटेइरो – पूर्व सदस्य सचिव, गोवा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
-
रघुवीर बागकर – पूर्व सचिव, अरपोरा-नागोआ पंचायत
इन पर क्लब को अवैध रूप से अनुमति देने और कार्रवाई रोकने के आरोप हैं।
सरकार ने कितना मुआवजा घोषित किया?
केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने राहत राशि घोषित की:
-
PMNRF से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख
-
घायलों को ₹50,000
-
गोवा सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख
-
घायलों को ₹50,000
राज्य सरकार शवों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उठा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के बड़े खुलासे
एक चश्मदीद के अनुसार:
“पायरो गन से चिंगारी निकली, दो मिनट के अंदर पूरी छत आग में बदल गई… लोग अंदर फँस गए, रास्ता एक था और धुआँ बहुत था।”
दूसरे गवाह के मुताबिक:
“वहाँ 70–80 लोग थे, किचन बेसमेंट में था… बाहर निकलने का सिर्फ एक ही रास्ता था।”
मजिस्ट्रेट जांच और नई एडवाइजरी
गोवा सरकार ने DM, DGP, Fire Services, Forensic टीम सहित एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है।
-
एक सप्ताह में रिपोर्ट
-
दोषियों पर सख्त कार्रवाई
-
पूरे राज्य के नाइटक्लबों को नई सुरक्षा गाइडलाइंस
State Disaster Management Authority ने सभी क्लब, बार, इवेंट वेन्यू, और रेस्टोरेंट के लिए कड़ी Fire & Electrical Safety Advisory जारी कर दी है।
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें
क्रिकेट, स्पोर्ट्स और देश-दुनिया की लेटेस्ट खबरों के लिए हमारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को फॉलो करना न भूलें:
Instagram:
https://instagram.com/enewsbharat
Facebook:
https://facebook.com/enewsbharat
YouTube (Subscribe):
https://youtube.com/@enewsbharat
यहां आपको मिलेंगे लाइव अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज़, शॉर्ट वीडियो, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, मैच प्रीव्यू और रिव्यू
eNewsBharat के साथ जुड़े रहें
देश-विदेश के स्पोर्ट्स और सभी बड़ी घटनाओं की पल–पल की खबरें पाने के लिए eNewsBharat को लगातार विज़िट करते रहें। .
आपका भरोसा ही हमारी ताकत है — हम आगे भी आपको सबसे तेज़ और सटीक खबरें पहुंचाते रहेंगे।
अधिक खबरों के लिए पढ़ें -> eNews-bharat
#GoaFire #NightclubFire #GoaNews #IndiaNews #FireSafety #BreakingNews #ArporaFire #RomeoLane





