शाहपुरा :राजस्थान के शाहपुरा उपखंड में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब मनोहरपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर राजस्व ग्राम के पास एक वोल्वो बस हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से करंट की चपेट में आ गईबस में सवार दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।यह बस पूरनपुर, बरेली (उत्तर प्रदेश) से मजदूरों को लेकर कल्याणपुर स्थित ईंट भट्ठे पर काम के लिए आ रही थी।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 9:25 बजे बस एक खेत के पास से गुजर रही थी, तभी ऊपर से गुजर रही 11,000 केवी हाईटेंशन लाइन बस को छू गई।तुरंत ही बस में करंट दौड़ गया और तार टूटकर नीचे गिरने से चिंगारियां उठीं।कुछ ही मिनटों में बस आग के गोले में तब्दील हो गई।आग लगने के बाद बस में रखे 16 गैस सिलेंडरों में से 3 सिलेंडर ब्लास्ट हो गए।धमाकों की आवाज से पूरा क्षेत्र दहल उठा और बस में रखा सामान, बाइकें, साइकिलें व घरेलू सामान जलकर राख हो गए।
दमकल की पांच गाड़ियां और प्रशासन मौके पर पहुंचा
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया।पांच दमकलें (शाहपुरा, आमेर और अन्य स्थानों से) मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।साथ ही पांच पानी के टैंकरों की मदद से आग को बुझाया गया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
दो की मौत, 11 घायल – कई गंभीर हालत में जयपुर रेफर
इस दर्दनाक हादसे में नसीम पुत्र अली (50 वर्ष) और सहीनम पुत्री नसीम (18 वर्ष), दोनों शेरपुर कला, पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) निवासी, की मौके पर मौत हो गई।घायल हुए लोगों में चांद बानो, अल्ताफ, सितारा, साजिया, नहींम, अजहर, नजमा, अमिया, शबीना, सायरा और फैजान शामिल हैं।इनमें से सात गंभीर रूप से घायल लोगों को जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) रेफर किया गया है, जबकि अन्य का इलाज शाहपुरा उपजिला अस्पताल में चल रहा है।
जिला कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों ने लिया घटनास्थल का जायजा
हादसे की सूचना मिलते ही जयपुर जिला कलेक्टर जितेंद्र सोनी,जयपुर ग्रामीण एसपी राशि डोगरा, एडिशनल एसपी तेजपाल सिंह, डीसी फायर पूनम सोनी,उपखंड अधिकारी संजीव खेदड़, तहसीलदार नीलम बंसीराज और थानाधिकारी भगवान सहाय मीणामौके पर पहुंचे।उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों की मॉनिटरिंग की।
इलाके में मातम, लोगों में आक्रोश
हादसे के बाद इलाके में शोक और आक्रोश दोनों माहौल देखने को मिला।ग्रामीणों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन खेतों और सड़कों से बहुत नीचे होकर गुजरती है, जिससे ऐसे हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है।लोगों ने प्रशासन से मांग की कि लाइन की ऊंचाई बढ़ाई जाए और सुरक्षा उपाय कड़े किए जाएं।
सवाल उठे – कौन जिम्मेदार?
स्थानीय लोगों ने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही से यह मानव-निर्मित दुर्घटना हुई है।यदि समय पर लाइन की ऊंचाई और रखरखाव पर ध्यान दिया गया होता, तो आज दो परिवारों के चिराग नहीं बुझते।
मानवता को झकझोर देने वाला हादसा
यह हादसा न केवल दो परिवारों को उजाड़ गया, बल्कि यह सवाल भी छोड़ गया कि गांवों और ईंट भट्टों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी लापरवाह है।प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं, जबकि स्थानीय लोग पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं।शाहपुरा के इस दर्दनाक हादसे ने बिजली सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।दो मजदूरों की मौत और 11 घायल होने के इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया।प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन स्थानीय लोग चाहते हैं कि ऐसे हादसे दोबारा न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
संवाददाता_विजयपाल सैनी
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