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हरनावदा शाहजी में सरकारी चारागाह भूमि पर अवैध मिट्टी खनन, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

हरनावदा शाहजी में सरकारी चारागाह भूमि पर अवैध मिट्टी खनन, प्रशासन मौन

बारां जिले के छीपाबड़ौद क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरनावदा शाहजी में बीते पांच दिनों से सरकारी चारागाह भूमि पर अवैध मिट्टी खुदाई का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, यहां पॉवर हाउस के पीछे स्थित भूमि पर लगातार जेसीबी मशीनों से मिट्टी निकाली जा रही है और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए मिट्टी को पॉवर हाउस में डाला जा रहा है। इस गैरकानूनी गतिविधि पर न तो प्रशासन ने ध्यान दिया है और न ही पुलिस ने कोई ठोस कदम उठाया है।

पांच दिनों से चल रहा है अवैध मिट्टी खनन सूत्रों के अनुसार, हरनावदा शाहजी की सरकारी चारागाह भूमि पर पिछले पांच दिनों से जेसीबी मशीनें दिन-रात काम कर रही हैं। मिट्टी की बड़ी मात्रा ट्रॉलियों में भरकर आसपास के निर्माण कार्यों में उपयोग की जा रही है। इस अवैध खुदाई से सरकारी भूमि का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है और चराई योग्य जमीन बर्बाद हो रही है।

ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, प्रशासन से की कार्रवाई की मांग स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि चारागाह भूमि पर मिट्टी खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि यह क्षेत्र के मवेशियों के लिए भी खतरा बन गया है। मिट्टी की खुदाई से बने गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत इस अवैध कार्य को रोका जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए

सरकारी भूमि का हो रहा है दुरुपयोग हरनावदा शाहजी के ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी भूमि का उद्देश्य सार्वजनिक हित के लिए होता है, लेकिन कुछ लोग निजी लाभ के लिए इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में यह भूमि पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।

प्रशासन और पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल इस पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर प्रदेश सरकार अवैध खनन पर सख्त कदम उठाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर ऐसे मामले खुलकर सामने आ रहे हैं। अब तक किसी अधिकारी ने मौके पर जाकर निरीक्षण तक नहीं किया है, जिससे लोगों में नाराजगी है।

ग्रामीण बोले — चारागाह भूमि की सुरक्षा जरूरी गांव के वरिष्ठ नागरिकों और पशुपालकों ने कहा कि यह भूमि गांव के मवेशियों के चरने के लिए आरक्षित है। अगर यह मिट्टी खनन जारी रहा, तो आने वाले समय में पशुओं के लिए चारा संकट गहरा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ भूमि की बात नहीं है, बल्कि यह पूरे गांव की जीविका से जुड़ा मुद्दा है।

जनता ने लगाई प्रशासन से गुहार ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन और जिला कलेक्टर से मांग की है कि इस क्षेत्र में तत्काल सर्वे करवाया जाए, अवैध खुदाई को रोका जाए और संबंधित व्यक्तियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रशासन से यह भी अनुरोध किया गया है कि चारागाह भूमि की सीमाएं चिन्हित कर सुरक्षित की जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।

हरनावदा शाहजी की चारागाह भूमि पर जारी अवैध मिट्टी खनन ने सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और क्या सार्वजनिक संपत्ति को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

 

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