राजस्थान में कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नई सूची जारी होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बगावत कांग्रेस के किसी विरोधी गुट ने नहीं, बल्कि गहलोत के सबसे करीबी माने जाने वाले पूर्व जिलाध्यक्ष सईद अंसारी ने की है। सोशल मीडिया पर उनके तीखे हमलों के बाद कांग्रेस में हलचल मच गई है।
“मुस्लिम समाज को सिर्फ वोट बैंक की तरह उपयोग किया गया” — अंसारी का आरोप
सईद अंसारी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में गहलोत पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार— कांग्रेस मुस्लिम समाज का सिर्फ वोट लेने के लिए उपयोग करती है। “अपना चुनाव जीतने के लिए मुस्लिम को टिकट देते हैं और फिर मुस्लिम उम्मीदवार को हरा देते हैं।” अपनी तीन चुनावी हार का हवाला देते हुए अंसारी ने कहा कि उन्हें कभी पार्टी का पूरा सहयोग नहीं मिला। उन्होंने यहां तक कहा कि गहलोत गुट के लोगों ने चुनावों में उनके खिलाफ पैसे बांटे, फिर भी उन्हें कोई सज़ा नहीं मिली।

डैमेज कंट्रोल में उतरे सुपारस भंडारी, ‘पुरानी दोस्ती’ याद दिलाई
अंसारी की पोस्ट के बाद स्थिति को शांत करने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुपारस भंडारी ने एक लंबा भावुक पत्र लिखकर सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने लिखा— अंसारी और गहलोत के बीच वर्षों की नज़दीकी जगज़ाहिर है। अंसारी अक्सर कहते थे कि उनकी पहचान बनाने का श्रेय अशोक गहलोत को जाता है। गहलोत हमेशा उनका स्वाभिमान और सम्मान का ध्यान रखते थे।

2018 का भावुक किस्सा: कैंसर का पता चलते ही टिकट की बजाय इलाज को प्राथमिकता
भंडारी ने 2018 का एक अहम वाकया भी उजागर किया। उन्होंने दावा किया:
-
सूरसागर से अंसारी का टिकट लगभग तय हो चुका था।
-
उसी दिन अंसारी की मेडिकल जांच में कैंसर का पता चला।
-
गहलोत ने तुरंत इलाज की व्यवस्था करवाई और टिकट की चिंता छोड़ दी।
भंडारी ने इसे “भाग्य का खेल” बताते हुए लिखा कि इसमें गहलोत की कोई गलती नहीं थी।
“मेरा टिकट भी कटा, पर नाराज़ नहीं हुआ” — भंडारी
सुपारस भंडारी ने बताया कि 2018 में उनकी तैयारी भी बहुत मजबूत थी, लेकिन टिकट अचानक काट दिया गया। उन्होंने कहा—
-
“मेरा भी नाराज़ होना बनता था, लेकिन मैंने पार्टी के निर्णय का सम्मान किया।”
-
“अंसारी जी, आपकी भी जिम्मेदारी है कि संगठन को मज़बूत करें, न कि कमजोर।”
गहलोत ने टाला सवाल: ‘कुछ कमी मेरे से रही होगी’
जोधपुर सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मीडिया ने अंसारी की पोस्ट पर सवाल किया तो गहलोत ने हंसते हुए कहा— “यार… कुछ कमी मेरे से रही होगी।” उन्होंने विवाद पर कोई सीधी प्रतिक्रिया देने से बचते हुए माहौल हल्का करने की कोशिश की।
अंसारी की सफाई – “व्यक्तिगत विचार, गहलोत के खिलाफ नहीं”
सईद अंसारी ने बाद में सफाई देते हुए कहा— उन्होंने गहलोत के प्रति कोई विरोध नहीं जताया। यह उनकी “व्यक्तिगत भावना” है जो उन्होंने व्यक्त की। कांग्रेस अध्यक्ष का सम्मान करते हैं और उन्हें बधाई देते हैं।
कवर फोटो ने बढ़ाई चर्चाएं: पायलट के साथ नजर आए अंसारी
जोधपुर राजनीतिक गलियारों में एक दिलचस्प चर्चा यह भी है कि अंसारी की फेसबुक कवर फोटो में वे सचिन पायलट के साथ दिखाई दे रहे हैं। यह फोटो 5 सितंबर को अपडेट की गई थी। इससे पहले भी उनकी पायलट गुट के नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल हो चुकी हैं, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं।






