ePaper
67645

कार्तिक पूर्णिमा पर गोविंददेवजी में उमड़ा जनसैलाब, गलताजी में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी | Kartik Purnima 2025

जयपुर

जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।सुबह से ही मंदिर परिसर में लंबी कतारें लग गईं।भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।मंदिर में विशेष श्रृंगार और आरती का आयोजन किया गया।शंख, घंटियों और भजनों की मधुर ध्वनि से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

 

गलताजी में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

जयपुर का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गलताजी भी आज भक्तों की भीड़ से भरा रहा।कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए तड़के 3 बजे से ही श्रद्धालु घाटों पर पहुंचने लगे।चढ़ती ठंड में भी भक्तों का उत्साह देखने लायक था।गलताजी के पवित्र सरोवरों में स्नान कर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और भगवान सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया।भक्तों का विश्वास है कि इस दिन स्नान और दान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

 

देव दीपावली पर जगमग होंगे घाट

कार्तिक पूर्णिमा के साथ ही आज देव दीपावली का पर्व भी मनाया जा रहा है।शाम को गलताजी, गोविंददेवजी मंदिर, गलता पीठ और आसपास के घाटों को दीपों और झालरों से सजाया जाएगा।सैकड़ों दीपों की रोशनी से घाट जगमगाती दीपावली की भांति आलोकित होंगे।धार्मिक संस्थाओं और श्रद्धालुओं ने दीपदान और भजन संध्या का आयोजन किया है।गलताजी में हर साल की तरह इस बार भी गुरु-शिष्य परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

 

भक्ति, श्रद्धा और लोक परंपराओं का मेल

कार्तिक पूर्णिमा को देवताओं की दीपावली कहा जाता है।इस दिन भगवान विष्णु और शिव की पूजा, नदी-स्नान और दीपदान का विशेष महत्व होता है।जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर, गलता जी, कानक वृंदावन और जलमहल क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण पूरे दिन बना रहा।भक्तों ने पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचकर भजन कीर्तन, आरती और दान-पुण्य किया।कई श्रद्धालुओं ने दीपदान कर जलती लहरों में दीप प्रवाहित किए और अपने परिवारों के लिए मंगलकामना की।

शहर के धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और व्यवस्था चाक-चौबंद

जयपुर प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था की गई थी।गलताजी और गोविंददेवजी मंदिर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी श्रद्धालुओं की मदद के लिए सेवा शिविर और जलपान केंद्र लगाए।कार्तिक पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर जयपुर ने एक बार फिर आस्था, परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखा।गोविंददेवजी मंदिर में श्रद्धालुओं की जयकारें गूंज उठीं,तो गलताजी घाट दीपों की रोशनी से जगमगा उठे।पूरे शहर में आज भक्ति, प्रकाश और उल्लास का वातावरण देखने को मिला —जो यह संदेश देता है कि “जहां आस्था है, वहीं सच्चा आनंद है।”

#KartikPurnima #GovindDevJi #Galtaji #DevDeepawali #JaipurNews #SpiritualFestival #FaithAndDevotion

Spread the love

बूंदी, संवाददाता: लोकेश शर्मा    Republic Day Preparation देश के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्वों में से एक है, जिसका उद्देश्य संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र की एकता को सम्मान देना है।...

Categories

Recent Posts

राज-नीति News

Banner Image
Banner Image
WhatsApp Chat