कर्नाटक के मालपे में पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है जहां नौसैनिक जहाजों से संबंधित गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण तुरंत कई एजेंसियों की नजर में आ गया है और जांच को बेहद गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय नौसेना से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं एक अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा कीं, जिससे सुरक्षा ढांचा प्रभावित हो सकता था।
कोचीन शिपयार्ड की शिकायत पर मामला दर्ज
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब कोचीन शिपयार्ड (मालपे–उडुपी यूनिट) के CEO ने पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार जहाजों की संख्या और अन्य गोपनीय तकनीकी जानकारियां लीक हुईं। इसके बाद मालपे पुलिस स्टेशन में क्राइम नंबर 128/2025 के तहत BNS की धारा 152 और Official Secrets Act 1923 की धारा 3 व 5 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामला दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू कर दी।
आरोपी ने व्हाट्सऐप पर साझा की नौसेना जहाजों की जानकारी
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी रोहित पहले केरल स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में कार्यरत था। वहां काम करते समय उसने भारतीय नौसेना के जहाजों की संख्या और गोपनीय जानकारियां मोबाइल फोन के जरिए व्हाट्सऐप पर शेयर कीं। आरोप है कि उसने इस जानकारी का अनुचित आर्थिक लाभ भी उठाया। मालपे यूनिट में ट्रांसफर होने के बाद भी उसने कोच्चि में मौजूद अपने एक संपर्क के जरिए संवेदनशील सूचनाएं जुटाना और भेजना जारी रखा।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा — पुलिस
पुलिस के अनुसार इस तरह की गतिविधियां देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। भारतीय नौसेना से जुड़ी आंतरिक और संरचनात्मक विवरण राष्ट्र की सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इनके लीक होने से दुश्मन देशों के लिए मददगार स्थिति बन सकती थी। इसलिए इस मामले को केवल साइबर क्राइम नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ षड्यंत्र के रूप में देखा जा रहा है।
दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
पुलिस ने जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम रोहित (29) और संत्री (37) बताए गए हैं, दोनों उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के रहने वाले हैं। अदालत में पेशी के बाद दोनों को 03 दिसंबर 2025 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस जासूसी जैसी गतिविधि के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है। जांच में यह भी संभावना जांच के दायरे में है कि कहीं राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी और भी जानकारियां तो लीक नहीं की गईं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा खुलासे होने की आशंका है।
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