इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार खैबर पख्तूनख्वा (KP) में राष्ट्रपति शासन लगाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। न्याय राज्य मंत्री अकील मलिक ने सोमवार को कहा कि राज्य में सुरक्षा और प्रशासन की हालत बहुत खराब हो चुकी है। मलिक के अनुसार, मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी स्थिति सुधारने में पूरी तरह विफल रहे हैं। न तो उन्होंने केंद्र सरकार के साथ तालमेल रखा और न ही राज्य के आवश्यक क्षेत्रों में कार्रवाई की।

CM सोहेल अफरीदी पर पुलिस ने किया हमला
27 नवंबर को खैबर पख्तूनख्वा के CM सोहेल अफरीदी को पुलिस ने सड़क पर गिराकर पीटा। यह घटना तब हुई जब अफरीदी अडियाला जेल, रावलपिंडी में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने की अनुमति की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई सेना के आदेश पर की गई। पुलिस ने अफरीदी और उनके साथ आए नेताओं को आगे बढ़ने से रोकते हुए लात-घूंसे मारकर उन्हें जमीन पर गिरा दिया। PTI ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।

राष्ट्रपति शासन की कानूनी प्रक्रिया
पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 232 और 234 के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति गवर्नर रूल लगा सकते हैं। शुरुआत में यह शासन दो महीने के लिए लागू होता है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाया जा सकता है। बाद में संसद की संयुक्त बैठक से इसकी मंजूरी लेनी होती है।
खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंदी ने कहा कि यदि उनकी जगह किसी और को लाया जाता है तो वह पार्टी के फैसले को स्वीकार करेंगे। हालांकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे मुलाकात कर भरोसा दिलाया था कि उन्हें हटाया नहीं जाएगा।
इमरान खान से मिलने की मांग और विरोध प्रदर्शन
अफरीदी ने बड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि सरकार को इमरान खान की सेहत और सुरक्षा पर उठे सभी सवालों का सही जवाब देना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
अफरीदी ने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर तंज कसते हुए कहा कि देश के बिगड़ते हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि इमरान खान तक पहुंच रोकना और उनकी स्वास्थ्य जानकारी छिपाना जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ है।
इमरान खान की मौत की अफवाह और हाईकोर्ट आदेश
कुछ दिनों पहले इमरान खान की मौत की अफवाहें तेज हो गईं। उनकी बहनों ने प्रशासन से मुलाकात और जिंदा होने का सबूत मांगा। मार्च 2025 में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने परिवार और वकीलों को मिलने की अनुमति दी थी, लेकिन जेल प्रशासन ने आदेश मानने से इंकार किया।
अक्टूबर 2025 में कोर्ट ने दोबारा निर्देश दिए, लेकिन अब तक उनके परिवार को इमरान से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।

सोशल मीडिया और माहौल
सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट वायरल हो रही हैं जिनमें दावा किया गया कि इमरान खान अब जिंदा नहीं हैं। इसके चलते PTI कार्यकर्ता और समर्थक पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन कर रहे हैं। माहौल बिगड़ते देख पुलिस ने जेल के बाहर कर्फ्यू भी लागू किया।
खैबर पख्तूनख्वा की वर्तमान स्थिति राजनीतिक और सुरक्षा दृष्टि से गंभीर है। CM सोहेल अफरीदी पर हमला और इमरान खान से मिलने की अनुमति न देना विवाद और बढ़ा रहा है। पाकिस्तान सरकार राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार कर रही है, ताकि राज्य की बिगड़ती स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सके। स्थिति के विकसित होने पर देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें खैबर पख्तूनख्वा पर बनी हुई हैं।





