जालोर,आहोर (जसराज पुच्छल, पांचोंटा)।
उपखंड क्षेत्र के पांचोंटा गांव में पिछले लंबे समय से झूलती बिजली की तारें लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। डिस्कॉम की लगातार अनदेखी और लापरवाही के कारण गांव के कई हिस्सों में बिजली की लाइनें बेहद नीचे लटक रही हैं। कई घरों के पास से गुजरती ये तारें किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकती हैं, लेकिन अधिकारियों की नींद अभी भी नहीं खुल रही।
नीचे झूलती तारें—हर पल मौत का साया
गांव में जगह-जगह बिजली के तार इतने नीचे आ गए हैं कि आम रास्तों पर चलते पैदल राहगीरों, बच्चों और दुपहिया वाहनों के लिए खतरा बने हुए हैं।कुछ स्थानों पर ये तारें जमीन से अत्यंत कम ऊँचाई पर लटकी दिखाई देती हैं, जिससे कभी भी शॉर्ट सर्किट, स्पार्किंग या करंट हादसा हो सकता है।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कई बार तेज हवा चलने पर तारें आपस में टकराकर चिंगारियाँ छोड़ती हैं, जिससे घरों और खेतों में आग लगने का डर भी बना रहता है।
बड़े वाहनों को भी बड़ा खतरा
पांचोंटा में गुजर रही मुख्य विद्युत लाइन कई जगहों पर इतनी नीचे है कि बड़े वाहनों की छतें इन तारों से छू जाती हैं।ग्रामीण बताते हैं कि ट्रैक्टर, जीप या सामान ढोने वाले बड़े वाहन जब इन रास्तों से गुजरते हैं तो तारों से टकराने का खतरा हमेशा बना रहता है।यदि कभी करंट प्रवाहित हो तो बड़ा हादसा होने में समय नहीं लगेगा।
घर–मकानों के ऊपर से गुजरती तारें, खतरा दोगुना
कई घरों के ऊपर से होकर गुजरती बिजली की लाइनें निवासियों के लिए और भी भयावह स्थिति पैदा कर रही हैं।इन तारों के कारण मकानों की छतों पर रहना, सोना, पानी भरना या कपड़े सुखाना भी खतरनाक हो चुका है।कुछ परिवारों ने तो डर के कारण छत पर जाना ही बंद कर दिया है।ग्रामीण बताते हैं कि इससे पहले भी छतों के पास से गुजरती तारों के कारण कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन डिस्कॉम ने किसी भी घटना को गंभीरता से नहीं लिया।
ग्रामीणों का आरोप—डिस्कॉम कर रहा अनदेखी
पांचोंटा तथा आसपास के गांवों में बिजली व्यवस्था लंबे समय से अव्यवस्थित बनी हुई है।ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतें कई बार की गईं, लेकिन डिस्कॉम कर्मचारी केवल आश्वासन देकर चले जाते हैं, जबकि वास्तविक सुधार कार्य नहीं किया जाता।अक्सर तारें ढीली होने के बावजूद उन्हें ठीक नहीं किया जाता, खंभों की मरम्मत नहीं होती और पुरानी लाइनें बदली नहीं जातीं।नतीजतन लोगों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है।
कहीं पेड़ों में उलझे तार, कहीं खुले में लटकते
गांव के कई हिस्सों में बिजली के तार सीधे पेड़ों के बीच से गुजर रहे हैं।हवा चलते ही ये तार पेड़ों की शाखाओं से टकराते हैं, जिससे बिजली ट्रिपिंग और शॉर्ट सर्किट की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।किसी भी समय पेड़ गिरने या शाखा टूटने से बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों की मांग—तुरंत कार्रवाई करें अधिकारी
गांव के निवासी जसराज पुच्छल सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बढ़ते खतरे के बावजूद बिजली विभाग सुधार कार्य शुरू नहीं कर रहा।
लोगों की मांग है कि:
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झूलते तारों को तुरंत ऊपर उठाया जाए
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पुराने खंभों की मरम्मत की जाए
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घरों के ऊपर से गुजरती लाइनों को शिफ्ट किया जाए
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पेड़ों के बीच फंसे तारों को सुरक्षित दूरी पर लगाया जाए
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।पांचोंटा गांव में झूलती बिजली की तारों की समस्या किसी छोटी लापरवाही का परिणाम नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही अनदेखी की वजह है।ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिस्कॉम को तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है।अन्यथा यह खतरा किसी भी दिन गंभीर दुर्घटना का रूप ले सकता है।
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