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राजस्थान में बढ़ रही पढ़े-लिखे बेरोजगारों की संख्या: लाइब्रेरियन पद बढ़ाने की मांग तेज, युवाओं ने किया प्रदर्शन

राजस्थान में शिक्षित बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य के रोजगार कार्यालयों में रजिस्टर्ड बेरोजगारों की संख्या अब 21 लाख से अधिक पहुंच चुकी है। इनमें सबसे अधिक संख्या स्नातक और स्नातकोत्तर युवाओं की है, जो वर्षों से सरकारी नौकरियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सीमित भर्तियों और देरी से होने वाली परीक्षाओं के कारण युवाओं में निराशा बढ़ रही है। वहीं, कई युवा अब आंदोलन और धरनों के ज़रिए अपनी आवाज़ सरकार तक पहुंचाने में जुटे हैं।

लाइब्रेरियन भर्ती में पद बढ़ाने की मांग

हाल ही में राज्य में लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा (Rajasthan Librarian Exam) को लेकर युवाओं ने बड़ा प्रदर्शन किया।

  • अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य में लाइब्रेरियन के हजारों पद रिक्त हैं, लेकिन भर्ती में बहुत कम पद घोषित किए गए हैं।

  • युवाओं ने मांग की है कि सरकार सभी जिलों में पुस्तकालयों में रिक्त पदों की जानकारी जारी करे और पदों की संख्या बढ़ाई जाए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों की मेहनत और तैयारी के बावजूद सीमित पदों के कारण हजारों योग्य उम्मीदवार बाहर रह जाते हैं।

बेरोजगारों की स्थिति: आंकड़े चौंकाने वाले

राजस्थान में बेरोजगारी का स्तर बीते कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है।

  • रोजगार पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, 2025 तक करीब 21 लाख युवाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया है।

  • इनमें बड़ी संख्या उन युवाओं की है जो बीए, बीएड, एमए, एमएससी जैसे उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं।

  • सरकारी नौकरियों की सीमित उपलब्धता के कारण अब प्राइवेट सेक्टर में भी अवसर कम हो रहे हैं।

रोजगार विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा के बढ़ते स्तर के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट और वैकल्पिक करियर विकल्पों पर ध्यान देना जरूरी है।

युवाओं की आवाज़: “पढ़े-लिखे हैं, लेकिन बेरोजगार हैं”

प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा —

“हमने उच्च शिक्षा हासिल की है, लेकिन नौकरी के अवसर नहीं हैं। सरकार को शिक्षा और रोजगार के बीच संतुलन बनाना चाहिए।”

कई युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी बात रखी और #Rajasthan_Librarian_Demand जैसे हैशटैग ट्रेंड कराने शुरू किए।

सरकार की ओर से क्या कहा गया

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि आगामी महीनों में विभिन्न विभागों में नई भर्तियाँ प्रस्तावित हैं।

  • शिक्षा विभाग और पुस्तकालय विभाग में रिक्त पदों की समीक्षा की जा रही है।

  • सरकार का दावा है कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता में शामिल है।

हालांकि, बेरोजगार संगठनों का कहना है कि केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि व्यावहारिक कदम उठाने की जरूरत है।

समाधान क्या है?

विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान जैसे बड़े राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नई इंडस्ट्री, डिजिटल स्किल ट्रेनिंग और पुस्तकालय सेवाओं के आधुनिकीकरण पर ध्यान देना चाहिए।

  • लाइब्रेरियन पदों को बढ़ाना न केवल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार भी देगा।

  • साथ ही, ई-लाइब्रेरी और डिजिटल बुक प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रशिक्षित युवाओं को जोड़ा जा सकता है।

    राजस्थान में बढ़ती शिक्षित बेरोजगारी राज्य के विकास के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।
    युवाओं की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए और लाइब्रेरियन समेत अन्य सरकारी पदों में रिक्तियों को बढ़ाया जाए।
    दिवाली के इस सीजन में जब पूरा देश उम्मीद की रोशनी जला रहा है, तब राजस्थान के बेरोजगार युवा भी उम्मीद कर रहे हैं कि उनके भविष्य में भी रोजगार की एक नई किरण जरूर चमकेगी।

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