टोंक_ जिला कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर डॉ. कल्पना अग्रवाल की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाना था ताकि जिले में वास्तविक मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित की जा सके।कलेक्टर अग्रवाल ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR के दूसरे चरण की शुरुआत की गई है, जिसमें राजस्थान भी शामिल है।इस प्रक्रिया का लक्ष्य है —कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे।कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता बनने के लिए व्यक्ति भारत का नागरिक, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना चाहिए।
मतदाता सूची अद्यतन की नई प्रक्रिया
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में 2002 की मतदाता सूचियों के आधार पर निर्वाचक मैपिंग की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रत्येक मतदाता को परिगणना प्रपत्र (Enumeration Form – EF) वितरित किया जाएगा।इस प्रपत्र में मतदाता का नाम, पता, विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या आदि पूर्व-मुद्रित होंगे। बीएलओ (Booth Level Officer) इन प्रपत्रों को घर-घर जाकर वितरित करेंगे और मतदाता को पुराने रिकॉर्ड से नाम लिंक करने में मदद करेंगे।मतदाता को अपनी नवीनतम रंगीन फोटो इस फॉर्म पर चिपकानी होगी।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध
मतदाता चाहें तो यह प्रक्रिया ऑनलाइन भी पूरी कर सकते हैं। कलेक्टर ने बताया कि परिगणना चरण के दौरान किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। सभी प्राप्त फॉर्म्स के नाम ड्राफ्ट रोल (Draft Voter List) में शामिल किए जाएंगे।इसके बाद जिन मतदाताओं के नाम पुराने डेटा से मेल नहीं खाएंगे, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और पात्रता की जांच की जाएगी।
मुख्य तिथियाँ और प्रक्रिया
ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन: 9 दिसंबर 2025
आपत्तियाँ और दावे दाखिल करने की अंतिम तिथि: जनवरी 2026
अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 7 फरवरी 2026
इस बीच, अनुपस्थित, मृत या डुप्लिकेट नामों की सूची भी निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
राजनीतिक दलों की भूमिका और जनजागरूकता अभियान
कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि राजनीतिक दलों और उनके बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) की भूमिका इस प्रक्रिया में अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी दलों को अपने बीएलए शीघ्र नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।बीएलए मतदाताओं तक जानकारी पहुँचाने, फॉर्म भरवाने और सत्यापन कार्य में सहयोग करेंगे। प्रत्येक बीएलए प्रतिदिन 50 प्रपत्र प्रमाणित कर बीएलओ को सौंप सकते हैं।
मतदाताओं की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क और वॉलिंटियर्स
कलेक्टर ने बताया कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं की सहायता के लिए हेल्पडेस्क स्थापित किए जा रहे हैं।साथ ही वृद्ध, दिव्यांग और वंचित वर्गों की सहायता हेतु वॉलिंटियर्स भी नियुक्त होंगे, जो फॉर्म भरने और सत्यापन में सहयोग देंगे।
लोकतंत्र की पवित्रता बनाए रखने की दिशा में पहल
डॉ. कल्पना अग्रवाल ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता और पारदर्शिता बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे परिगणना प्रपत्र अवश्य भरें, ताकि आगामी चुनावों में उनका मताधिकार सुरक्षित रहे।
नागरिकों के लिए सुझाव
अपने नाम, पते एवं बूथ-ज्ञान की पुष्टि करें।
बीएलओ द्वारा लाए गए परिगणना प्रपत्र (EF) को भरें और फोटो संलग्न करें।
यदि सूची में नाम नहीं है तो तुरंत दावे-आपत्ति करें।
बूथ-लेवल एजेंट से संपर्क करें या ऑन-लाइन विकल्प का उपयोग करें।
यह सुनिश्चित करें कि आप 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक हैं, भारत के नागरिक हैं और उस निर्वाचन क्षेत्र के सामान्य निवासी हैं।
संवाददाता_केशव राज सैन
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