टोंक जिले के उनियारा उपखंड के अलीगढ़ थाना क्षेत्र के पाटोली गांव में बीती शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। गांव के युवक रामरेश मीणा की मौत बिजली ट्रांसफार्मर से चिपकने के कारण हो गई। इस हादसे से पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया।
बिजली निगम अधिकारियों की देरी से पहुंचने पर नाराजगी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हादसे की जानकारी देने के बाद भी बिजली निगम के अधिकारी और कर्मचारी देर से मौके पर पहुंचे। अगर समय रहते लाइन बंद कर दी जाती, तो शायद युवक की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई और मौके पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शव उठाने से किया इनकार, ग्रामीणों की मांगें
घटना के बाद ग्रामीणों ने मृतक रामरेश मीणा का शव मौके से हटाने से इनकार कर दिया। उनकी मांग है कि मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी, आर्थिक मुआवजा और विभागीय जांच का आश्वासन दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ये मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
मौके पर भारी भीड़ और पुलिस की मौजूदगी
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पाटोली गांव में भारी भीड़ जमा हो गई है। अलीगढ़ थाना प्रभारी पुलिस दल के साथ मौके पर मौजूद हैं और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन लगातार ग्रामीणों से संवाद कर स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहा है।
बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव का ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब स्थिति में था और इसकी शिकायत कई बार की गई थी। लेकिन विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं की। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत कर दी जाती तो यह हादसा टल सकता था। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और लापरवाही की जांच की मांग की है।
प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे, आश्वासन दिया
घटना की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक परिवार को सांत्वना दी और मुआवजे एवं सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि घटना की जांच जल्द पूरी की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों की एकजुटता बनी मिसाल
गांव के लोगों ने इस घटना के बाद एकजुट होकर न्याय की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक विभाग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएगा, ऐसे हादसे होते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
शिक्षा और जागरूकता का संदेश
इस घटना ने ग्रामीणों को बिजली सुरक्षा और तकनीकी जागरूकता के प्रति सचेत किया है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से यह भी मांग की है कि गांवों में सुरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
संवाददाता: केशव





