जयपुर – देश की अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने विजिलेंस अवेयरनेस वीक 2025 (सतर्कता जागरूकता सप्ताह) के उपलक्ष्य में एक विशेष वॉकाथॉन (Walkathon) का आयोजन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण के लिए जागरूकता फैलाना और ईमानदारी के मूल्यों को बढ़ावा देना था।
आयोजन का उद्देश्य
इस वॉकाथॉन का मुख्य उद्देश्य समाज में ईमानदारी और सतर्कता के महत्व को बढ़ावा देना था। बैंक ने इस कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई केवल नीतियों से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से जीती जा सकती है।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में यूनियन बैंक के अंचल प्रमुख श्री अजय कुमार और उप अंचल प्रमुख श्री राजीव तिवारी ने भाग लिया। उनके साथ सैकड़ों बैंक अधिकारी और कर्मचारी भी इस वॉकाथॉन में शामिल हुए। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने कर्मचारियों में उत्साह और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।
भ्रष्टाचार मुक्त भारत का संकल्प
वॉकाथॉन के दौरान सभी प्रतिभागियों ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया। उन्होंने यह वचन दिया कि वे न केवल स्वयं ईमानदारी से काम करेंगे, बल्कि दूसरों को भी भ्रष्टाचार से दूर रहने और पारदर्शिता अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। यह पहल न केवल बैंक की छवि को मजबूत करती है, बल्कि समाज में भी सकारात्मक संदेश देती है।
सामाजिक जागरूकता और जिम्मेदारी
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लंबे समय से सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के लिए जाने जाता है। यह वॉकाथॉन उसी दिशा में एक और मजबूत कदम है। इसके माध्यम से बैंक ने आम जनता और अपने कर्मचारियों दोनों को यह याद दिलाया कि भ्रष्टाचार केवल सरकारी समस्या नहीं, बल्कि एक सामाजिक चुनौती है, जिसे सबके सहयोग से खत्म किया जा सकता है।
अधिकारियों के संदेश
अंचल प्रमुख श्री अजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि ईमानदारी किसी संस्था की सबसे बड़ी पूंजी होती है। उन्होंने कहा — “भ्रष्टाचार से दूर रहना और दूसरों को सतर्क करना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।” वहीं, उप अंचल प्रमुख श्री राजीव तिवारी ने कहा — “सतर्कता और पारदर्शिता अपनाने से ही बैंकिंग व्यवस्था में जनता का भरोसा कायम रह सकता है।”
भविष्य की दिशा
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भविष्य में भी इस तरह की जागरूकता गतिविधियों को जारी रखेगा। बैंक ने बताया कि सतर्कता सप्ताह के दौरान सेमिनार, पोस्टर प्रतियोगिता, वेबिनार और ईमानदारी शपथ जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में सत्यनिष्ठा और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया जा सके।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का यह वॉकाथॉन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक सकारात्मक सामाजिक संदेश है। इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध किया कि जब संस्थाएं और नागरिक मिलकर ईमानदारी का संकल्प लेते हैं, तो भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना हकीकत बन सकता है।





